Paytm Share Free Falls Continues Second Day At Stock Exchanges, Investors Suffering With 50,000 Crore Rupees Of Listing Loss


Paytm Free Fall Continues: Paytm के आईपीओ की लिस्टिंग के बाद से ही शेयर में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. शेयर बाजार में लिस्टिंग के दूसरे कारोबारी दिन भी पेटीएम ने अपने निवेशकों को बेहद निराश किया है. सुबह जब बाजार खुला तो पेटीएम अपने पिछले क्लेजिंग रेट 1560.80 रुपये से नीचे गिरकर 1509 रुपये पर खुला. 

Paytm का शेयर 18.50%  फिसला 

लेकिन बाजार में मुनाफावसूली के साथ पेटीएम का शेयर भी औंधे मुंह जा गिरा. देखते ही देखते ये 18.50 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ 1271 रुपये पर जा लुढ़का. हालांकि निचले स्तर से  शेयर में थोड़ी खरीदारी लौटी. और आज बाजार बंद होने पर पेटीएम 1359 रुपये प्रति शेयर पर जाकर बंद हुआ. पेटीएम का मार्केट कैपिटलाईजेशन भी 1 लाख करोड़ रुपये से नीचे चला गया है और ये 88,139 करोड़ रुपये रह गया है.   

निवेशकों का Loss बढ़ता जा रहा 

जैसी निराशा पेटीएम के निवेशकों को हुई है ऐसी निराशा हाल के दिनों में किसी भी आईपीओ के निवेशकों को लिस्टिंग के दौरान नहीं हुई थी.  लिस्टिंग के बाद से पेटीएम निवेशकों को 50,000 करोड़ रुपये की चपत लगा चुकी है. शेयर बाजार में लिस्टिंग से पहले पेटीएम का आईपीओ प्राइस के हिसाब से मार्केट वैल्यू 1.39 लाख करोड़ रुपये था और आज उसका मार्केट कैप घटकर 88,139 करोड़ रुपये रह गया है.  

पेटीएम में गिरावट का आलम ये था कि शेयर अपने लिस्टिंग के दूसरे दिन भी लोअर सर्किट ( Lower Circuit) लगाने के कगार पर जा पहुंचा था.  अपने इश्यू प्राइस 2150 रुपये से 37 फीसदी नीचे 791 रुपये नीचे जाकर पेटीएम का शेयर बंद हुआ है. 

ब्रोकरेज हाउसेज ने घटाया टारगेट 

सवाल फठता है कि कहां जाकर पेटीएम के शेयर में गिरावट का सिलसिला जाकर थमेगा. क्योंकि बाजार के जानकार इस शेयर से दूर रहने की सलाह दे रहे हैं साथ ही कुछ तो और भी गिरावट की आशंका जाहिर कर रहे हैं. विदेशी ब्रोकरेज हाउस Macquarie ने तो पेटीएम का टारगेट घटाकर 1200 रुपये कर दिया है. यानि इश्यू प्राइस से करीब 44 फीसदी नीचे. Macquarie के मुताबिक पेटीएम का बिजनेस मॉडल में दिशा का अभाव है. उसके मुताबिक पेटीएम के लिये मुनाफा बनाने बड़ी चुनौती है.  

प्रोमोटरों के लालच का खामियाजा उठा रहे निवेशक 

शेयर बाजार के जानकार पेटीएम की लिस्टिंग के बाद इसके बिजनेस मॉडल पर सवाल खड़ा करने के साथ मार्केट वैल्यूएशन पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं. पेटीएम के प्रोमोटरों के लालच की कीमत इसके निवेशकों को चुकानी पड़ रही है.  

पेटीएम के आईपीओ से निवेशकों को सबक  

पेटीएम के आईपीओ से निवेशकों के साथ साथ कंपनियों के प्रोमोटरों और मर्चेंट बैंकरों को भी सबक मिलती है, जो ऊंची कीमत पर अपने आईपीओ  में शेयर का प्राइस बैंड तय करते हैं. कोई भी निवेशक तभी आईपीओ में पैसा लगाएगा जब उसे रिटर्न की उम्मीद होगी. पेटीएम के आईपीओ के इस हश्र के बाद कई जानकार मानते हैं कि आईपीओ बाजार की रौनक को झटका लग सकता है. और दूसरी कई कंपनियां जो अपना आईपीओ लाने की तैयारी में थी उनके मंसूबों पर पानी फिर सकता है. 

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना ज़रूरी है की मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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Author: Shirley